रुकना भी एक गति है
philosophical
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रुकना भी एक गति है
लोग कहते हैं, रुको मत।
लेकिन कोई नहीं बताता
कि रुकना भी एक तरह की गति है।
नदी जब पत्थरों से टकराती है,
तो एक पल के लिए रुकती है,
और उसी रुकने में
वह पत्थर को तराशती है।
मैं भी कई बार रुका हूँ।
लोगों ने समझा, थक गया।
पर मैं तराश रहा था
अपने भीतर का वह पत्थर
जो मुझे अपने ही बोझ से दबा रहा था।
रुकना कमज़ोरी नहीं,
रुकना वह साँस है
जो अगले क़दम को
ज़िंदा रखती है।
चलना तो है ही,
लेकिन पहले रुकना भी ज़रूरी है।