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पच्चीस साल

wordsofaditya Poetry · reflective

पच्चीस साल

पच्चीस साल में
मैंने क्या सीखा?

यह कि दुनिया गोल है,
पर इंसान के रास्ते टेढ़े हैं।

यह कि किताबें सब बताती हैं,
पर ज़िंदगी कुछ और ही पढ़ाती है।

Aditya Sharma 1 / 3
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यह कि माँ-बाप की उम्मीदें
और अपने ख़्वाब
एक ही छत के नीचे रहते हैं,
पर कभी एक-दूसरे से
बात नहीं करते।

Aditya Sharma 2 / 3
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और यह कि
पच्चीस साल में
आदमी बड़ा नहीं होता,
बस उसके सवाल
बड़े हो जाते हैं।

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