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तू अगर ज़हर होती

wordsofaditya Poetry · romantic

तू अगर ज़हर होती

तू अगर ज़हर होती, तो उसे पीकर मरता न,
तू अगर साथ होती, तो तुझे लेकर जाता कहाँ,
क्योंकि तू मेरे पास होती।
शिकायत सिर्फ़ एक होती, कि तू मेरे पास थोड़ी देर और होती,
एक चाय की प्याली होती, लेकिन हमारी आँखें एक-दूसरे में डूबी होतीं,
आँखें चार होतीं, लेकिन दिल एक होते।
शाम कब रात होती, और रात से कब सुबह होती,
मलाल सिर्फ़ एक बात का होता, कि काश,

Aditya Sharma 1 / 2
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वह रात थोड़ी लंबी होती।

Aditya Sharma 2 / 2