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तू अगर ज़हर होती

wordsofaditya Poetry · romantic

तू अगर ज़हर होती

तू अगर ज़हर होती, तो उसे पीकर मरता न,
तू अगर साथ होती, तो तुझे लेकर जाता कहाँ,
क्योंकि तू मेरे पास होती।

Aditya Sharma 1 / 3
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शिकायत सिर्फ़ एक होती, कि तू मेरे पास थोड़ी देर और होती,
एक चाय की प्याली होती, लेकिन हमारी आँखें एक-दूसरे में डूबी होतीं,
आँखें चार होतीं, लेकिन दिल एक होते।
शाम कब रात होती, और रात से कब सुबह होती,

Aditya Sharma 2 / 3
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मलाल सिर्फ़ एक बात का होता, कि काश,
वह रात थोड़ी लंबी होती।

Aditya Sharma 3 / 3