तू अगर ज़हर होती
romantic
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तू अगर ज़हर होती
तू अगर ज़हर होती, तो उसे पीकर मरता न,
तू अगर साथ होती, तो तुझे लेकर जाता कहाँ,
क्योंकि तू मेरे पास होती।
शिकायत सिर्फ़ एक होती, कि तू मेरे पास थोड़ी देर और होती,
एक चाय की प्याली होती, लेकिन हमारी आँखें एक-दूसरे में डूबी होतीं,
आँखें चार होतीं, लेकिन दिल एक होते।
शाम कब रात होती, और रात से कब सुबह होती,
मलाल सिर्फ़ एक बात का होता, कि काश,
वह रात थोड़ी लंबी होती।